इस्‍टर्न इंस्‍टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटि‍ड लर्निंग इन मैनेजमेंट (ईआईआईएलएम) यूनि‍वर्सिटी

परि‍चय

ईआईआईएलएम वि‍श्‍ववि‍द्यालय, जोरेठांग, सि‍क्‍कि‍म, वि‍श्‍ववि‍द्यालय अनुदान आयोग के पत्र संख्‍या एफ.9-19/2007 (सीपीपी-1) तारीख 9 मई, 2008 द्वारा पूरी तरह मान्‍यता और स्‍वीकृति‍ प्राप्‍त है और इसकी स्‍थापना सि‍क्‍कि‍म राज्‍य वि‍धान अधि‍नि‍यम संख्‍या 4, 2006, सि‍क्‍कि‍म सरकार के तहत हुई है। इस अधि‍नि‍यम को सि‍क्‍कि‍म सरकार की राजपत्र अधि‍सूचना संख्‍या 28/एलडी/2006 तारीख 3 अप्रैल, 2006 के तहत अधि‍सूचि‍त तथा प्रकाशि‍त कि‍या गया था।

ईआईआईएलएम वि‍श्‍ववि‍द्यालय देश का पहला वि‍श्‍ववि‍द्यालय है जि‍से यूकेएएस द्वारा प्रति‍ष्‍ठि‍त आईएसओ 9001:14001 प्रमाणपत्र प्रदान कि‍या गया है।
ईआईआईएलएम वि‍श्‍ववि‍द्यालय की नींव वर्षों से स्‍थापि‍त सुदृढ़ शैक्षि‍क सि‍द्धांतों पर रखी गई है। यह वि‍श्‍ववि‍द्यालय भारत में अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर की मानक शि‍क्षा प्रदान करने की परम्‍परा का नि‍र्वहन करता है। यह ग्‍लोबल स्‍तर पर अपनी उपस्‍थि‍ति‍ दर्ज कराने के लि‍ए इसी महान परम्‍परा को कायम रखने के लि‍ए प्रत्‍यन्‍नशील है। ईआईआईएलएम वि‍श्‍ववि‍द्यालय में शैक्षि‍क प्रोग्राम्‍स को श्रेष्‍ठ शैक्षणि‍क तथा औद्योगि‍क मानकों की कसौटी पर परखा जाता है। कई कि‍स्‍म के प्रोग्राम चलाए जाते हैं जि‍नमें कैरियर‍ उन्‍नमुखी योग्‍यताएं शामि‍ल हैं। औद्योगि‍क अपेक्षाओं और छात्रों‍ की आकांक्षाओं को पूरा करने के लि‍ए पाठ्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। पाठ्यक्रमों को इस प्रकार से डि‍जाइन कि‍या गया है ताकि‍ प्रौद्योगि‍की प्रधान वि‍श्‍व की चुनौति‍यों को मुकाबला करने के लि‍ए छात्रों‍ को अपनी बुद्धि‍, रचनात्‍मक प्रति‍भा और नेतृत्‍व कौशल का इस्‍तेमाल करने का मौका मि‍ल सके।

ईआईआईएलएम का हमेशा प्रयास रहता है कि‍ छात्र गहन ज्ञान और वि‍शेष प्रकार के कौशल अर्जि‍त कर पायें ताकि‍ संगठनात्‍मक ढांचे में बदलाव आ सके, कारगरता और कार्यक्षमता में वृद्धि‍ हो सके। ईआईआईएलएम आपके सपनों को साकार करने में और एक सफल कैरियर‍ की क्षमता में वृद्धि‍ करने में सहायता देता है। तकनीक और शि‍क्षक दोनों मि‍लकर एक ऐसी व्‍यवस्‍था स्‍थापि‍त करने का प्रयास करते हैं जि‍समें प्रत्‍येक छात्र की व्‍यक्‍ति‍गत जरूरतों को पूरा करने की स्‍वंत्रता सुनि‍श्‍चि‍त करते समय उच्‍चस्‍तरीय शैक्षि‍क मानदंडों को पूरा कि‍या जाता है।

प्रयोजक नि‍काय

ईआईआईएलएम वि‍श्‍ववि‍द्यालय का प्रयोजक नि‍काय, ‘इस्‍टर्न इंस्‍टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटि‍ड लर्निंग इन मैनेजमेंट (ईआईआईएलएम)–कोलकाता’ है जि‍सकी स्‍थापना वि‍वि‍ध प्रोग्राम्‍स के माध्‍यम से भारत में बेहतरीन तथा कैरियर उन्‍नमुखी शि‍क्षा प्रदान करने के उद्देश्‍य 1995 में की गई थी। ईआईआईएलएम का उद्देश्‍य शैक्षि‍क जानकारी, वि‍भि‍न्‍न प्रकार के कौशल और ज्ञान द्वारा शि‍क्षाप्रद अनुभव के साथ छात्रों‍ को सक्षम बनाना है।

ईआईआईएलएम का फोकस शि‍क्षा प्रदान करने तथा कौशल और क्षमताओं का वि‍कास करने पर रहता है ताकि‍ छात्रों‍ में गर्व, जि‍ज्ञासा और उपलब्‍धि‍ का अहसास पैदा हो सके। ईक्‍यूयूआईएस (यूरोपि‍यन क्‍वालि‍टी सर्टि‍फि‍केशन ऑफ यूनि‍वर्सि‍टी एजुकेशन) द्वारा बेहतरीन मानदंड हासि‍ल करने का रि‍कार्ड ईआईआईएलएम के नाम है।

अपने स्‍थापना काल से ही भारत सरकार की अखि‍ल भारतीय तकनीकी शि‍क्षा परि‍षद् ने ईआईआईएलएम के व्‍यापार प्रबंधन में स्‍नातकोत्‍तर डि‍प्‍लोमा (पीजीडीबीएम) को स्‍वीकृति‍ दे दी थी। संस्‍थान ने वि‍श्‍व भारती, जो 1951 से केन्‍द्रीय वि‍श्‍ववि‍द्यालय है, के माध्‍यम से एमबीए प्रोग्राम प्रारंभ कर दि‍ए थे। ईआईआईएलएम को वि‍श्‍व भारती के संघटक महावि‍द्यालय का दर्जा प्राप्‍त हुआ। वि‍श्‍व भारती ने अपने बोर्ड ऑफ स्‍टेडीज़ में ईआईआईएलएम वि‍श्‍ववि‍द्यालय के प्रति‍नि‍धि‍यों को शामि‍ल कि‍या था : ईआईआईएलएम के वि‍भि‍न्‍न फैक्‍लटी सदस्‍यों द्वारा परीक्षा पत्र तैयार कि‍ए गए थे और उनकी जांच भी की गई थी।
ईआईआईएलएम इंस्‍टीट्यूट, कोलकाता को अक्‍तूबर 2007 में बि‍जनेस इंडि‍या द्वारा ‘ए’ ग्रेड प्रदान कि‍या गया है। इस संस्‍थान ने सभी शीर्ष उद्योगों और कारपोरेट के साथ समझौता कि‍या है और शत-प्रति‍शत प्‍लेसमेंट का रि‍कार्ड इसके नाम है।

हमारा सपना

हम एक प्रमुख शि‍क्षा नि‍काय बनने के प्रति‍ वचनबद्ध हैं जि‍सका मि‍शन नि‍म्‍नलि‍खि‍ उपायों द्वारा नेता, वि‍जेता और सफल महानायक तैयार करना है :

• परि‍पूर्ण ज्ञान
• रचनात्‍मक प्रति‍भा
• कर्मचारी और छात्र को सक्षम बनाना
• नि‍रंतर सुधार
मिशन
1. अपने छात्रों को व्‍यावसायि‍क शि‍क्षा तथा शैक्षि‍क परि‍वेश उपलब्‍ध कराना।
2. छात्रों को सर्वोगि‍ण वि‍कास सुलभ कराना।
3. नये आवि‍ष्‍कार और बेहतरीन पद्धति‍यों को अपनाकर नि‍यंत्रण को परि‍भाषि‍त करना तथा सभी प्रमुख प्रक्रि‍याओं में लगातार सुधार करना।
4. कर्मचारि‍यों को अधि‍कतम कार्य-प्रदर्शन स्‍तर हासि‍ल करने के लि‍ए प्रोत्‍साहि‍त करना।


वि‍शेष योजना/छात्रवृत्‍ति‍‍यां ईआईआईएलएम वि‍श्‍ववि‍द्यालय का मि‍शन शि‍क्षा के क्षेत्र में उत्‍कृष्‍टता हासि‍ल करके देश के कारपोरेट, औद्योगि‍क, उद्यमी, आर्थि‍क, सामाजि‍क, बौद्धि‍क तथा सांस्‍कृति‍क वि‍कास में योगदान देना है। ईआईआईएलएम वि‍श्‍ववि‍द्यालय पात्र महि‍ला उम्‍मीदवारों को मैरि‍ट तथा आवश्‍यकता के आधार पर छात्रवृत्‍ति‍‍यां प्रदान करके अपने सामाजि‍क दायि‍त्‍व को पूरा करता है। इन छात्रवृत्‍ति‍‍यों से युवा महि‍लाओं को प्रोत्‍साहन मि‍लता है कि‍ वे नि‍यमि‍त प्रोग्राम्‍स अथवा दूरस्‍थ शि‍क्षा पद्धति‍ के माध्‍यम से ईआईआईएलएम शि‍क्षा द्वारा अपने कैरियर को आगे बढ़ाएं। ईआईआईएलएम ने सि‍क्‍कि‍म कैम्‍पस में अनाथ बालि‍काओं की शि‍क्षा और आजीवि‍का लागत को प्रायोजि‍त करने का नि‍र्णय लि‍या है।

इन उपेक्षि‍त बेघर-बार युवति‍यों को सशक्‍त बनाने और 21वी सदी में युवा महि‍लाओं को बेहतर शि‍क्षा और कैरियर अवसर उपलब्‍ध कराने के लि‍ए ईआईआईएलएम द्वारा कि‍या गया यह भी एक अन्‍य अग्रणीय प्रयास है।
वि‍भि‍न्‍न गैर-सरकारी संगठनों, वि‍द्यालय प्रधानाचार्यों तथा ईआईआईएलएम वि‍श्‍ववि‍द्यालय के दाखि‍ला वि‍भाग द्वारा नामि‍त छात्राओं का चयन मैरि‍ट और आवश्‍यकता के आधार पर कि‍या जाएगा।
 

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